PMC बैंक घोटाला : अब तक 3 खाताधारकों की मौत! 2 की हार्टअटैक से और 1 ने की आत्महत्या

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक में घोटाला होने के बाद इसके तीन खाता धारकों की मौत हो चुकी है। इस में से दो खाताधारक संजय गुलाटी और फत्तोमल पंजाबी की हार्ट अटैक से मौत हुई है। वहीं 39 वर्षीय खाताधारक और डॉक्टर ने वरसोवा इलाके में अपने घर में कथित रूप से आत्महत्या कर ली। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को नहीं लगता कि इस आत्महत्या का संबंध पीएमसी बैंक के संकट और हजारों जमाकर्ताओं पर आयी वित्तीय परेशानी से है।

संजय गुलाटी के बैंक में थे 90 लाख रुपये

मुंबई के ओशिविरा इलाके में रहने वाले संजय गुलाटी बैंक पर लगायी गयी पाबंदियों के खिलाफ कल प्रदर्शन करने गये थे और जब वह घर लौटे तो हृदय गति रुकने के कारण मौत हो गयी और मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुलाटी के इस बैंक के खाते में लगभग 90 लाख रुपये जमा हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि चुनाव के बाद वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के पास ले जाएंगे और अनुरोध करेंगे कि वह खाताधारकों का पैसा वापस लौटाने में केन्द्र मदद करे। वह निजी तौर पर इस मुद्दे को करीब से देख रहे हैं।

पीएमसी बैंक की खाताधारक ने की खुदकुशी
अधिकारी ने बताया कि वरसोवा के मॉडल टाउन इलाके में अपने पिता के साथ रह रही डॉक्टर निवेदिता बिजलानी (39) ने सोमवार रात को नींद की अधिक गोलियां खा लीं। उन्होंने कहा, ” आत्महत्या की वजह का पता लगाया जाना अभी बाकी है। उसका पीएमसी बैंक में खाता तो था लेकिन हमें नहीं लगता कि इसका (मौत का) संबंध बैंक के संकट से है। उन्होंने कहा कि बिजलानी पिछले कुछ वर्षों से अवसादग्रस्त थीं और उसने पिछले साल मार्च में अमेरिका में खुदकुशी करने की कथित तौर पर कोशिश की थी। अधिकारी के अनुसार वह अमेरिका में प्रैक्टिस कर रही थीं। पहली शादी से उनकी 17 साल की बेटी हैं जबकि एक अमेरिकी नागरिक से दूसरी शादी से उनका डेढ़ साल का बेटा है। अधिकारी के मुताबिक वरसोवा थाने में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है।

वहीं पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक के खाताधारक फत्तोमल पंजाबी का मंगलवार को निधन हो गया। उनके परिवार ने आरोप लगाया कि वह पीएमसी बैंक में संकट के बाद तनाव में थे।

गौरतलब है कि अनियमितता बरतने के आरोप में भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक के कुछ कामकाज पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 35ए के तहत की है। प्रतिबंध सेक्शन 35 के तहत लगाया गया है। आरबीआई ने अपने ऑर्डर में कहा है कि खाताधारक अपने बचत खाते, करेंट खाता या अन्य किसी भी खाते से छह महीने में 40000 रुपये से अधिक रुपये नहीं निकाल पाएंगे। इतना ही नहीं, पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक ग्राहकों को किसी भी तरह का कर्ज भी नहीं दे सकता है। आरबीआई का कहना है कि मुंबई स्थित पीएमसी बैंक को बैंकिंग से संबंधित लेनदेन करने से पहले उससे लिखित में मंजूरी लेनी होगी।

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