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अब बच्चों में भी फैल रहा है कोरोना,डॉक्टर कह रहे हैं-संभल कर रहिए

इंदौर.इंदौर में कोरोना फिर तेज़ी से लौट आया है.इस बार ये बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है.पिछले 24 घंटे में कोरोना के 166 नये केस सामने आए.इसमें बच्चे भी शामिल हैं.डॉक्टरों की सलाह है कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए काफी सावधानी बरतें
इंदौर में में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं.पिछले 24 घंटे में 2199 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई जिसमें से 166 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं. 1 मरीज की मौत भी कोरोना से हुई.इसे मिलाकर शहर में अब तक कोरोना से मौत का आंकड़ा 936 पर पहुंच गय़ा है.शहर में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1353 हो गई है.हालांकि नाइट कर्फ्यू को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
सीएम करेंगे समीक्षा
कोरोना की समीक्षा में सीएम ने 8 मार्च तक इस पर फैसला लेने की बात कही थी.अब माना जा रहा है कि एक बार फिर सीएम इंदौर और भोपाल के हालात की समीक्षा करेंगे.हालांकि इंदौर में यूके स्ट्रेन के छह मरीज मिलने के बाद से प्रशासन सतर्क हो गया है. पिछले कुछ दिनों से औसतन 150 मरीज रोज आ रहे हैं.विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले साल स्वाद गायब होने और भूख नहीं लगने के लक्षण सामने आए थे,लेकिन अभी कोरोना के मरीजों में बदन दर्द,सिरदर्द और बुखार की लक्षणों की शिकायतें ज्यादा सामने आ रही हैं.
2 साल से कम उम्र के बच्चों को भी कोरोना
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग इंचार्ज डॉ. अनिल डोंगरे कहते हैं कि यूके का नया स्ट्रेन घातक नहीं है सिर्फ संक्रमण दर ज्यादा होती है.एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर का कहना है इस बार चिंता इस बात को लेकर है कि इस बार 2 साल से छोटे बच्चों से लेकर 18 साल तक के युवा तक सब कोरोना की चपेट में आ रहे हैं. इस साल अब तक कुल 7 हजार 252 बच्चे और युवा संक्रमित हुए हैं. इनमें पांच साल से छोटे बच्चों की संख्या 854 है.सबसे ज्यादा 16 से 20 साल के 2 हजार 664 युवा कोरोना की चपेट में आए हैं.इसीलिए बच्चों को संभालकर रखें.उन्हें बेवजह बाहर न निकलने दें और यदि किसी मजबूरी में बाहर जाना पड़े तो ठीक तरीके से मास्क लगाकर ही ले जाएं.कोरोना संक्रमण बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है इसलिए सावधानी जरूरी है.